प्राचीन बिहार की जानकारी

प्राचीन बिहार की जानकारी के लिये पुरातात्विक साहित्य, यात्रा वृतान्त व अन्य देशी स्त्रोत उपलब्ध हैं । प्राचीन शिलालेख, सिक्केथ, पट्टे, दानपत्र, ताम्र पत्र, राजकाज सम्बन्धी खाते-बहियों, दस्तावेज, विदेशी यात्रियों के यात्रा वृतान्त, स्मारक, इमारतें आदि विशेष महत्वपूर्ण होता है ।

प्राचीन विश्वर के सबसे प्राचीन माने जाने वाली कृति वेद संहिता है ।

प्राचीन विश्वर के सबसे प्राचीन माने जाने वाली कृति वेद संहिता है । ऋग्वेद, अथर्ववेद, यजुर्वेद तथा सामवेद में बिहार का उल्लेख मिलता है ।वेदों के संहिता से रचित ब्राह्मण ग्रन्थ हैं जिसमें बिम्बिसार के पूर्व घटनाओं का ज्ञान प्राप्त होता है ।

 

खड्डा पंचायत प. चम्पारण

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खड्डा पंचायत प. चम्पारण जिला मुख्यालय से दक्षिण नौतन प्रखंड के मध्य में है। प्रखण्ड मुख्यालय से इसकी दूरी 6 किमी और जिला मुख्यालय से इसकी दूरी 8 किमी हैं। जिसमें पुरूष लगभग 8500 तथा महिलाओं की संख्या 6500 है पंचायत में छोटे, बडे़ कुल 22 टोला है। ऐतिहासिक रूप से यह पंचायत विख्यात दुर्गा स्थान के नाम से प्रसिद्ध हैं। यहां पर चैत रामनवमी के अवसर पर मेला का आयोजन होता है। खड्डा पंचायत चन्द्रावत नदी के किनारे अवस्थित है। यहां पर पतहरी में खेल का बड़ा मैदान अवस्थित है, जहां पर स्टेडियम बनाने का काम प्रक्रिया में है। खड्डा पुल अंग्रेजी राज्य में बनाया गया पुल है। उस खड्डा पुल पर नौतन प्रखण्ड और बैरिया प्रखण्ड का मिलान होता है, इस पंचायत में 25000 हेक्टेयर उपजाउ कृषि योग्य भूमि पर खेती होती है, जिसमें मुख्य रूप से गेहूँ, मक्का, धान, हल्दी और साग, सब्जी इत्यादि फसलें उगायी जाती हंै।
इस पंचायत में  समान्य किसान एवं मध्यम किसान है। जमींदार- किसान इस पंचायत में नहीं है। खड्डा का कब्रिस्तान बेतिया राज के जमाने का है।
समस्या- पुरे खड्डा पंचायत में सड़क, बिजली एवं नाला, स्वच्छ जल की समस्या से पंचायत के लोग ग्रसित रहते हैं। इस पंचायत में बाढ़ एवं सूखे के समस्या बनी रहती है।